RAM क्या है – Meaning of RAM in Hindi (2020)

अगर आप जानना चाहते हैं कि RAM क्या है? तो आप बिल्कुल सही लेख पढ़ रहे हैं.

आज के इस लेख में हम आपको विस्तार में बताएंगे कि RAM in Hindi क्या होती है.

अक्सर हम जब भी कोई नया लैपटॉप या फोन खरीदने जाते हैं तो हम यह जरूर सोचते हैं कि कितनी RAM का फोन या लैपटॉप ले.

आपके मन में भी यह सवाल आता होगा.

ज्यादा सोचिए नहीं,

आज के इस लेख में हम आपके इस सवाल का जवाब भी देंगे.

तो चलिए आपका समय बरबाद ना करते हुए हम अपने लेख में आगे बढ़ते हैं और आपको बताते हैं कि RAM क्या है.

RAM क्या है – Meaning of RAM in Hindi

RAM Kya Hai Meaning of RAM in Hindi

Meaning of RAM in Hindi: RAM का पूरा नाम Random Access Memory है. इसे हम Main Memory भी कहते हैं. RAM, CPU के द्वारा किए जा रहे कामों के डाटा, कमांड और प्रोग्राम को स्टोर करने के लिए कंप्यूटर को Virtual Space देती है. क्यूंकि यह मेमोरी CPU का हिस्सा होती है, इसलिए इसे CPU सीधे ही Access कर सकता है.

RAM एक अस्थाई मेमोरी होती है जो डाटा को अस्थाई रूप से स्टोर करती है.

कंप्यूटर की प्राइमरी मेमोरी के दो भाग होते हैं, जिनमें से RAM एक है और दूसरे भाग का नाम ROM है.

अगर आप ROM के बारे में विस्तार में जानना चाहते हैं तो आप नीचे दिए गए लेख को पढ़िए.

तो चलिए अब हम आपको RAM के बारे में एक उदाहरण से समझाते हैं.

मान लीजिए,

आप हर रोज़ अपने टेबल पर ऑफिस का काम करने के लिए दूसरे कमरे में से अलमारी से files को अपने table पर लाकर रखते हैं और उन सभी files को शाम होने पर वापिस दूसरे कमरे में अलमारी में रख आते हैं.

ऐसे आपको जब भी कोई फाइल चाहिए होती है आप सबसे पहले उसे अपने टेबल पर ढूंढ़ते हैं और अगर आपको फाइल टेबल पर नहीं मिलती तो आप फाइल को दूसरे कमरे की अलमारी से के आते हैं.

अब यहां पर दूसरा कमरा कंप्यूटर की storage है, आप कंप्यूटर का processor हो और टेबल RAM का काम कर रहा है.

टेबल जितना बड़ा होगा आप उतनी ज्यादा files को रख सकते हैं और अपने काम को आसान बना सकते हैं.

तो आपको यहां से अच्छे से clear हो गया होगा कि RAM क्या है और यह कैसे Computer को सुविधा प्रदान करती है.

अगर आप Computer Memory के बारे में जानने के साथ RAM और ROM में अंतर, Secondary Memory और Primary Memory में अंतर जानना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए गए लेख को पढ़िए.

Advantages of RAM in Hindi

  • CPU में डाटा को Process करने के लिए RAM का होना लाज़मी है.
  • ज़्यादा RAM होने से कंप्यूटर की स्पीड बड़ जाती है.
  • अगर CPU RAM से डाटा को तेज़ी से access करता है, Hard Disk और Secondary Memory से डाटा को access करने की तुलना में.
  • Cache Memory के बाद RAM बाकी Memories से काफी fast है.
  • RAM की कैपेसिटी Cache Memory से जायदा होती है.

Disadvantages of RAM in Hindi

  • कम RAM होने से कंप्यूटर की स्पीड कम हो सकती है
  • Cache Memory की तुलना में CPU को RAM से डाटा access करने में ज्यादा समय लगता है.
  • RAM मेमोरी की Capacity, Hard Disk और secondary Memories से कम होती है.
  • RAM एक Volatile Memory होती है, जिसमें स्टोर किया हुआ डाटा कंप्यूटर के बंद होने के बाद या कंप्यूटर का power connection जाने के बाद मिट जाता है.

RAM के प्रकार – Types of RAM in Hindi

  • Static RAM (SRAM)
  • Dynamic RAM (DRAM)

तो चलिए अब हम आपको Types of RAM के बारे में विस्तार में बताते हैं.

Static RAM (SRAM) क्या है?

Static RAM Kya Hai Meaning of SRAM in Hindi

Meaning of SRAM in Hindi: SRAM जिसे Static Randrom Access Memory भी कहते हैं, इस मेमोरी को काम करने के लिए बार बार Refresh करने की जरूरत नहीं पड़ती.

SRAM में डाटा तब तक स्टोर रहता है, जब तक इसमें बिजली आती रहती है.

क्यूंकि यह एक Volatile Memory होती है, इसलिए जब बिजली चली जाती है तो इसमें स्टोर किया गया डाटा मिट जाता है.

Characterstics of Static RAM in Hindi

  • SRAM को सामान तरह का काम करने के लिए DRAM से ज्यादा चिप्स की जरूरत होती है.
  • SRAM, DRAM की तुलना में महंगी होती है.
  • SRAM को cache memory के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.
  • क्यूंकि यह एक static मेमोरी होती है, इसलिए इसे बार बार refresh करने की जरूरत नहीं पड़ती.
  • इसमें स्टोर डाटा बिजली के जाने के बाद मिट जाता है.
  • Dynamic RAM की तुलना में SRAM की गति ज्यादा होती है.
  • SRAM, DRAM की तुलना में ज्यादा बिजली खर्च करती है.
  • यह मेमोरी DRAM से ज्यादा Space का इस्तेमाल करती है.
  • SRAM, Level 1 या Level 2 Cache का इस्तेमाल करती है.
  • SRAM ज्यादा समय तक चलती है.

Dynamic RAM (DRAM) क्या है?

Dynamic RAM Kya Hai Meaning of DRAM in Hindi

Meaning of DRAM in Hindi: DRAM जिसे Dynamic Random Access Memory भी कहते हैं, इसे काम करने के लिए बार बार refresh करने की जरूरत पड़ती है.

यह मेमोरी Motherboard में लगाई जाती है.

जो capacitors DRAM में डाटा स्टोर करते हैं, वे डाटा energy को discharge करते हैं.

क्यूंकि DRAM Volatile Memory है, इसलिए DRAM में स्टोर डाटा बिजली के जाने के बाद मिट जाता है.

DRAM का इस्तेमाल System Memory और Video Graphics Memory में किया जाता है.

Characterstics of Dynamic RAM in Hindi

  • यह मेमोरी SRAM से सस्ती होती है.
  • DRAM का Life span कम होता है.
  • DRAM को बार बार refresh करने की जरूरत पड़ती है.
  • इसे काम करते समय कम बिजली खर्च करती है.
  • यह SRAM की तुलना में धीमी होती है.
  • बिजली जाने के बाद DRAM में स्टोर डाटा मिट जाता है.
  • DRAM की storage capacity ज्यादा होती है.

SRAM और DRAM के बीच अंतर – Difference Between SRAM and DRAM in Hindi

Difference Between SRAM and DRAM in Hindi

हमने ऊपर आपको SRAM और DRAM के बारे में अच्छे से बताया है. अब हमने नीचे आपको DRAM और SRAM के बीच अंतर बताने वाले हैं जिन्हें आप अपने notes त्यार करने या exams में इस्तेमाल कर सकते हैं.

SRAMDRAM
SRAM का access time कम होता है, जोकि DRAM की तुलना में तेज होता है.DRAM का access time ज्यादा होता है, जोकि SRAM की तुलना में धीमा होता है.
SRAM, DRAM की तुलना में महंगी होती है.DRAM, SRAM की तुलना में सस्ती होती है.
SRAM को काम करने के लिए लगातार power की जरूरत पड़ती है, मतलब कि यह ज्यादा electricity का इस्तेमाल करती है.DRAM में क्यूंकि information, capacitor में स्टोर होती है इसलिए इसे काम करने के लिए कम electricity की जरूरत पड़ती है.
SRAM में कम Packaging Density होती है.DRAM में ज्यादा Packaging Density होती है.
SRAM में Transistors और Latches का इस्तेमाल होता है.DRAM में capacitors और थोड़े transistors का इस्तेमाल होता है.
SRAM की Storage क्षमता 1MB से 16MB तक होती है.DRAM की स्टोरेज क्षमता 1GB से 16GB के बीच होती है.
Static मेमोरी On-Chip की फॉर्म में होती है.DRAM में Off-Chip की विशेषताएं होती हैं.
SRAM की स्टोरेज क्षमता DRAM की तुलना में कम होती है.DRAM की स्टोरेज capacity SRAM की तुलना में ज्यादा होती है.
SRAM को काम करते समय बार बार refresh करने की जरूरत नहीं पड़ती.DRAM को काम करते समय बार बार Refresh करने की जरूरत पड़ती है.

RAM का प्रयोग कहां होता है?

RAM (Random Access Memory) का प्रयोग Electronic Devices में होता है, जैसे कि Smartphones, Laptops और Computers आदि में.

इसे CPU द्वारा वर्तमान में किए जा रहे कामों का डाटा, कमांड और प्रोग्राम आदि स्टोर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

RAM कितनी होनी चाहिए?

RAM को MB और GB में calculate किया जाता है, RAM जितनी ज्यादा MB और GB की हो उतनी अच्छी होती है.

कंप्यूटर (Computer)

कंप्यूटर में आज के समय में कम से कम 8GB RAM होनी ही चाहिए.

कंप्यूटर का Operarting System और काफी बड़े softwares कंप्यूटर की काफी RAM को घेरतें हैं, खासकर गूगल के Chrome Browser के द्वारा सबसे ज्यादा RAM घेरी जाती है.

हालांकि यह बात आप पर निर्भर करती है कि आप अपने कंप्यूटर में कौन सा काम करना चाहते हैं.

अगर आप अपने कंप्यूटर पर Graphic Designing करना चाहते हैं तो उसमे Adobe Photoshop, Adobe Illustrator आदि Softwares की जरूरत होगी.

तो ऐसे में ये बड़े बड़े softwares काफी ज्यादा RAM घेरते हैं इसलिए आपको 8GB और 16GB RAM की requirement वाला system खरीदना या बनवाना होगा.

अगर आपके पास कंप्यूटर है तो आप इसमें अपने हिसाब से RAM को आगे जाकर Upgrade भी कर सकते हैं.

अगर आप Laptop खरीदने की सोच रहे हैं और अभी आपको नहीं पता के आप अपने Laptop में क्या करना चाहते हैं तो आप जो भी लैपटॉप खरीदना चाहें उसमे यह जरूर confirm कर लीजिएगा कि आपका लैपटॉप आपको RAM upgrade करने की permission दे.

आजकल मार्केट में कई तरह के लैपटॉप हैं जिनमें से कुछ आपको RAM को upgrade करने की option देते हैं और कुछ नहीं देते.

नोट: यह जरूरी नहीं है कि आपके PC या laptop में ज्यादा RAM होने से ही आपका PC fast और अच्छा चलेगा.

अगर आप अपनी RAM Upgrade करते हैं तो यह भी जरूरी होना चाहिए कि आपके laptop या PC का Processor ज्यादा RAM के साथ अच्छे से काम कर सके.

कहने का मतलब यह है कि जब आपकी RAM upgrade करने के बाद ज्यादा होगी और आपके लैपटॉप या PC का Processor छोटा होगा तो ऐसे में RAM upgrade करने का फायदा नहीं होगा, क्यूंकि आपका Laptop छोटा processor होने से ज़्यादा RAM का इस्तेमाल ही नहीं कर पायेगा.

स्मार्टफोन (Smartphone)

हम अपने कंप्यूटर में तो RAM बदल सकते हैं लेकिन हम अपने Phones में RAM नहीं बदल सकते.

इसलिए आपको आज के ज़माने में अपने बजट के हिसाब से ज्यादा RAM वाला फोन हो सके खरीद लेना चाहिए.अगर आप हमारी माने तो आप कम से कम 2GB RAM वाला device जरूर खरीदिए.

क्यूंकि जैसे टेक्नोलॉजी में सुधार होता जा रहा है वैसे धीरे धीरे फोन में इस्तेमाल होने वाली applications का आकार बड़ा होता जा रहा है और वह काम करने के लिए ज़्यादा RAM की मांग कर रही है.

उदाहरण के लिए अगर आप Facebook की App को अपने फोन में खोलते हो तो वह ही 200 से 300MB RAM घेर लेती है.

ऐसे में आज आप कम से कम 2GB RAM वाला फोन खरीदकर अपना काम चला सकते हैं.

लेकिन अगर आप ज्यादा RAM वाला फोन खरीदते हैं तो आप आने वाले कुछ साल सुरक्षित कर सकते हैं और अपने एक ही फोन को कई साल चला सकते हैं.

नोट: ऑनलाइन ऐसे बहुत सारे applications और tricks उपलब्ध हैं जो आपको आपके फोन की internal storage को RAM में बदलने का दावा करते हैं.

आप ऐसी Tricks का इस्तेमाल करके अपने फोन को root मत कर लीजिएगा.

यह tricks आपके फोन की internal storage को RAM में तो बदल देंगे लेकिन यह एक temporary solution होगा.

उल्टा यह tricks आपके फोन को और भी slow के देंगे. और इससे आप अपने फोन को खराब भिंकर सकते हैं.

आप खुद सोचिए आपके फोन की internal storage डाटा को permanent स्टोर करने के लिए बनी है ना कि RAM की तरह fastly डाटा का आदान प्रदान करने के लिए.

तो ऐसे में आप उससे RAM का काम ज़बरदस्ती से करवा रहे हैं जिससे आपका फोन भी खराब हो सकता है.

आज आपने क्या सीखा?

आज के इस लेख में हमने अपको बताया कि RAM क्या है हमने Meaning of RAM in Hindi अच्छे से विस्तार में दिया है और साथ ही साथ हमने आपको RAM के Types और आपको कितनी RAM वाला device खरीदना चाहिए, यह भी बताया है.

हमने Difference Between SRAM and DRAM in Hindi भी एक टेबल त्यार करके बताया है.

अगर आपको हमारा लेख अच्छा लगा हो तो आप हमारे लेख को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों आदि के साथ सांझा जरूर कीजिए ताकि वह भी RAM के बारे में विस्तार में जानकारी ग्रहण कर सकें.

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम युवराज परमार है और मेरी उम्र 17 साल है. मैं HindiFreaks.Com वेबसाइट का Founder हूं. मैं पेशे से एक Digital Marketer हूं और 12 वीं कक्षा में पढ़ रहा हूं. About us

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