Computer Memory क्या है और इसके प्रकार (2020)

अगर आप जानना चाहते हैं कि कंप्यूटर मेमोरी क्या है? तो आप बिल्कुल सही लेख पढ़ रहे हैं.

इस लेख में हम आपको Computer Memory in Hindi और उसकी Types को अच्छे से explain करने वाले हैं.

हम आपको अलग अलग मेमोरी की types में Differences भी बताएंगे जिन्हें आप अपने notes के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.

तो चलिए आपका समय बरबाद ना करते हुए हम लेख की तरफ बड़ते हैं, और आपको बताते हैं कि Computer Memory Kya Hai.

Computer Memory क्या है – Computer Memory in Hindi Notes

Computer Memory Kya Hai Computer Memory in Hindi Notes

Meaning of Computer Memory in Hindi: Memory कंप्यूटर का वह यूनिट है, जिसमें किसी भी प्रकार के डाटा, कमांड या प्रोग्राम को स्टोर करके रखा जाता है.

मेमोरी कंप्यूटर का एक बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण हिस्सा है इसके बिना कंप्यूटर एक छोटा काम भी नहीं कर सकता.

मेमोरी में इंसानी दिमाग की तरह चीज़ों को याद रखने की समर्था होती है. इसलिए मेमोरी को Storage Device भी कहा जाता है.

तो अभी तक आप Computer Memory in Hindi अच्छे से जान चुके होंगे तो चलिए अब हम आपको इसके Units के बारे में बताते हैं.

क्या आप जानते हैं? हर महीने 5000 से अधिक नए कंप्यूटर वायरस जारी होते हैं.

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What is the Memory Unit in Hindi

क्यूंकि जब हम कंप्यूटर में डाटा को स्टोर करते हैं तब डाटा 0 या 1 में बदल जाता है, ऐसे में डाटा को कैलकुलेट करने के लिए अलग लग Units का इस्तेमाल किया जाता है जिन्हें हम Memory Units या मेमोरी इकाइयां कहते हैं.

अगर हम Memory Unit को आसान भाषा में समझते तो,

Memory Units वो terms होते हैं जिनका इस्तेमाल कंप्यूटर में स्टोर किए गए डाटा की गणना करने के लिए किया जाता है.

जब मेमोरी में डाटा 0 या 1 में बदल जाता है, जिन्हें बाइनरी डिजिट या बिट कहा जाता है. यह Memory Unit कंप्यूटर में डाटा के द्वारा लिए गए स्थान को मापने की सबसे छोटी इकाई है.

Memory को अच्छे से represent करने के लिए Bits का set बनाया जाता है, जोकि Bits के Numbers पर आधारित होते हैं जैसे कि 8 Bits का set एक Byte का निर्माण करता है. आप नीचे दीए गए Bits/Bytes के sets के नाम पढ़ सकते हैं.

UnitsDetails
Kilobyte (KB)1 KB = 1024 Bytes
Megabyte (MB)1 MB = 1024 KB
Gigabyte (GB)1 GB = 1024 MB
TeraByte (TB)1 TB = 1024 GB
PetaByte (PB)1 PB = 1024 TB

Computer Memory के प्रकार – Types of Computer Memory in Hindi

कंप्यूटर मेमोरी मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:

  • Cache Memory
  • Primary Memory – Primary Memory के और नाम Main Memory, Internal Memory, Internal Storage और Primary Storage हैं
  • Secondary Memory – Secondary Memory को External Storage, Non-Volatile Memory, Backup Memory, Additional Memory, Auxiliary memory और Secondary Storage के नामों से भी जाना जाता है.

तो चलिए अब हम आपको इनके बारे में विस्तार में बताते हैं:

Cache Memory क्या है – Cache Memory in Hindi

Cache Memory Kya Hai Cache Memory in Hindi

Cache Memory Definition in Hindi: Cache Memory, कंप्यूटर की दूसरी memories से तेज़ और छोटी memory होती है.

Cache Memory का इस्तेमाल Smartphones और कंप्यूटर आदि electronic devices में किया जाता है.

Cache Memory का इस्तेमाल उस डाटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है जिसका हमारे CPU को अधिक इस्तेमाल करना पड़ता है.

जब भी CPU को अगर कोई डाटा चाहिए होता है, जिसका CPU द्वारा अधिक इस्तेमाल किया जाता है तो ऐसे में CPU हमारी Normal Storage को request डाले बिना Cache Memory से उस डाटा को Access कर लेता है.

अगर हम cache memory को उदाहरण से समझे तो मान लीजिए कि आप एक टेबल पर अपने ऑफिस का काम कर रहे हैं और आपकी सारी जरूरी फाइल्स आपके टेबल पर हैं.

ऐसे में आपको जो छोटी मोटी चीज़ों की जरूरी पड़ती है जैसे कि glue आदि की वे सब छोटा मोटा समान आपके टेबल के दराज में पड़ा हुआ है.

उदाहरण में आप कंप्यूटर का Processor हो, टेबल का दराज Cache Memory है, टेबल आपकी Storage है. तो आप इस उदाहरण से समझ सकते हैं कि Cache Memory कैसे काम करती है और कैसे आपको सुविधा प्रदान करती है.

Cache Memory को भी आगे 3 प्रकार में बांटा जाता है:

  • Level 1 Cache
  • Level 2 Cache
  • Level 3 Cache

अगर आप ऊपर बताई गई Cache Memory की Types के बारे में विस्तार में जानना चाहते हैं तो आप नीचे दी गई वीडियो देख सकते हैं.

Advantages of Cache Memory in Hindi

  • Cache Memory दूसरी memories से कई गुना ज्यादा तेज़ होती है.
  • Cache Memory को access करने में कंप्यूटर को Main Memory से कम समय लगता है.
  • यह उन programs को स्टोर करती है जिन्हें कम समय में लागू किया जा सकता है
  • यह डाटा का को temporary इस्तेमाल के लिए सम्भाल कर रखती है.

Disadvantages of Cache Memory in Hindi

  • अगर कंप्यूटर को कोई प्रोग्राम Cache Memory में नहीं मिलता तो फिर उसे उस प्रोग्राम को access करने के लिए main memory को request भेजनी पड़ती है.
  • ऐसे में पहले cache memory और फिर main memory को request भेजकर प्रोग्राम को access करने में ज्यादा समय लगता है.
  • Cache Memory महंगी होती है
  • Cache Memory की Capacity कम होती है
  • हमें लगता है कि आप Cache Memory क्या है यह अभी तक अच्छे से जान चुके होंगे.

Primary Memory क्या है – Primary Memory in Hindi

Primary Memory Kya Hai Primary Memory in Hindi

Meaning of Primary Memory in Hindi: Primary Memory कंप्यूटर की मुख्य मेमोरी होती है, जोकि CPU का एक भाग है.

यह उस डाटा, commands और प्रोग्राम को अस्थाई रूप से स्टोर करके रखती है, जिस पर कंप्यूटर काम कर रहा होता है.

Primary Memory की Storage Capacity सीमित होती है.

Primary Memory को “Main Memory of Computer” और “Temporary Memory” भी कहा जाता है, क्यूंकि इसमें स्टोर किया हुआ डाटा कंप्यूटर के बंद होने या Light के जाने के बाद ख़तम हो जाता है.

आप अभी तक Primary Memory in Hindi के बारे में जान चुके होंगे तो चलिए अब हम आपको इसकी विशेषताएं बताते हैं.

Features of Primary Memory in Hindi

  • Secondary Memory की तुलना में Primary Memory को access करना आसान है और इसकी access speed ज्यादा है.
  • Cache Memory के बाद Primary Memory की speed और सभी memory devices से fast है.
  • Primary Memory या RAM हमारे कंप्यूटर को कम समय में डाटा access करने की अनुमति देती है.

Primary Memory में आगे दो प्रकार होते हैं:

  • RAM (Random Access Memory)
  • ROM (Read Only Memory)

तो चलिए अब हम आपको इनके बारे में थोड़ा विस्तार में बताते हैं:

RAM क्या है?

RAM का पूरा नाम Random Access Memory है. RAM, CPU के द्वारा किए जा रहे कामों के डाटा, कमांड और प्रोग्राम को स्टोर करती है. इस मेमोरी को CPU के द्वारा सीधा access किया जाता है क्यूंकि यह CPU का हिस्सा होती है.

ROM क्या है?

ROM का पूरा नाम Read Only Memory है, यह एक ऐसी मेमोरी है जोकि जानकारी को सथाई रूप से स्टोर करके रखती है. इसमें स्टोर डाटा कंप्यूटर के बंद होने के बाद भी नहीं मिटता, इसलिए इसे non-volatile memory भी कहते हैं.

RAM और ROM में अंतर – Difference Between RAM and ROM in Hindi

Difference Between RAM and ROM in Hindi

अभी तक आप RAM और ROM के बारे में अच्छे से जान चुके होंगे. अब हम आपको RAM and ROM difference in hindi बताने वाले हैं, जिनका आप इस्तेमाल अपने notes त्यार करने और exams में लिखने के लिए कर सकते हैं.

RAMROM
RAM का पूरा नाम Random Access Memory है.ROM का पूरा नाम Read Only Memory है.
RAM एक volatile memory है, जोकि डाटा को तब तक ही स्टोर रखती है जब तक इसे power मिलती है.ROM एक non-volatile memory है, जोकि power की सप्लाई बंद होने के बाद भी डाटा को स्टोर रखती है.
RAM में स्टोर डाटा को हम edit और delete कर सकते हैं.ROM में स्टोर डाटा को सिर्फ read किया जा सकता है, इसे हम edit नहीं कर सकते.
RAM में उस डाटा को स्टोर किया जाता है जोकि CPU के द्वारा अस्थाई रूप से वर्तमान में process किया जा रहा होता है.ROM उन हदायतों, प्रोग्रामों और डाटा को स्टोर किया जाता है जोकि Main memory में स्टोर होते हैं.
RAM की स्पीड ROM से ज्यादा होती है.ROM की स्पीड RAM से कम होती है.
CPU RAM में स्टोर डाटा को directly access करता है.CPU ROM का डाटा तब तक access नहीं कर सकता जब तक ROM के डाटा की कॉपी RAM में ना हो.
RAM बड़े साइज की और ज्यादा capacity की होती है.ROM कम साइज की और कम capacity की होती है.
RAM का इस्तेमाल CPU cache और main memory के तौर पर किया जाता है.ROM का इस्तेमाल Firmware और micro controllers में होता है.
RAM में स्टोर डाटा को access करना आसान होता है.ROM में स्टोर डाटा को access करना थोड़ा मुश्किल होता है, RAM की तुलना में.
RAM महंगी होती है.ROM की कीमत RAM से कम होती है.

Secondary Memory क्या है – Secondary Memory in Hindi

Secondary Memory Kya Hai Secondary Memory in Hindi

Meaning of Secondary Memory in Hindi: Secondary Memory वह मेमोरी होती है जोकि कंप्यूटर का भाग नहीं होती, इसलिए इसे External Memory भी कहा जाता है.

Secondary Memory का इस्तेमाल डाटा को स्थाई रूप से स्टोर करने के लिए किया जाता है.

क्यूंकि यह मेमोरी CPU का भाग नहीं होती, इसलिए CPU इसे directly access नहीं कर सकता.

हमें सबसे पहले Secondary Memory के डाटा को Primary Memory में Transfer करना पड़ता है उसके बाद ही CPU इसे Access कर पाता है.

यह मेमोरी क्यूंकि कंप्यूटर का हिस्सा नहीं होती इसलिए यह स्पीड में काफी slow होती है.

Secondary Memory के उदाहरण:

  • Floppy Disk (फ्लॉपी डिस्क)
  • Hard Disk (हार्डडिस्क)
  • CD-Rom (सीडी-रोम)
  • Compact Disk (कॉम्पेक्ट डिस्क)
  • DVD
  • Optical Disk (ऑप्टिकल डिस्क)
  • Flash Drive (फ़्लैश ड्राइव)
  • Memory Card (मेमोरी कार्ड)
  • Pen Drive (पेन ड्राइव)
  • Magnetic Tape (मैगनेटिक टेप)

Features of Secondary Memory in Hindi

  • Secondary Memory में डाटा को स्थाई रूप से स्टोर किया जा सकता है.
  • Secondary Memory की capacity, Primary Memory की तरह Limited नहीं होती.
  • अगर आप कंप्यूटर को बंद कर देते हैं या लाइट चली जाती है तब Secondary Memory में स्टोर डाटा को कोई हानी नहीं पहुंचती.
  • कंप्यूटर Secondary Memory के बिना भी काम कर सकता है.
  • Secondary Memory, Main Memory की तुलना में सस्ती होती है.

Difference Between Secondary Memory and Primary Memory in Hindi

Difference Between Secondary Memory and Primary Memory in Hindi

हम आगे इस लेख में आपको Secondary Memory और Primary Memory में अंतर बताने वाले हैं, जोकि काफी आसान है और आपको अच्छी तरह से याद हो जाएंगे.

आप इन Differences का इस्तेमाल अपने Exams में ज्यादा अंक प्राप्त करने और notes त्यार करने के लिए कर सकते हैं.

Secondary MemoryPrimary Memory
Secondary Memory हमेशा non-volatile memory होती है.Primary Memory को Volatile और non-volatile मेमोरी में वर्गीकृत किया जाता है.
Secondary Memory CPU का भाग नहीं होती, इसे अलग से CPU के साथ जोड़ा जाता है इसलिए इसे External Memory भी कहा जाता है.Primary Memory, CPU का भाग होती है जोकि CPU के अंदर ही होती है, इसलिए इसे Internal Memory भी कहा जाता है.
Secondary Memory में स्टोर डाटा CPU के द्वारा Directly Access नहीं किया जाता.

डाटा को पहले Secondary Memory से Primary Memory में Transfer करना पड़ता है, तभी CPU स्थाई मेमोरी वाले डाटा को access कर पाता है.
Primary Memory में स्टोर डाटा CPU के द्वारा Directly Access किया जाता है.
क्यूंकि Secondary Memory, Non-Volatile Memroy होती है इसलिए इसमें स्टोर डाटा को लाइट जाने के बाद या कंप्यूटर के बंद होने के बाद कोई नुकसान नहीं पहुंचता.क्यूंकि Primary Memory, Volatile Memory होती है इसलिए इसमें स्टोर डाटा लाइट जाने के बाद या कंप्यूटर बंद करने के बाद मिट जाता है.
Secondary Memory में हम किसी भी तरह का डाटा या जानकारी स्टोर कर सकते हैं.Primary Memory में उस डाटा को स्टोर किया जाता है जिसका इस्तेमाल CPU के द्वारा किया जा रहा हो.
Secondary Memory को Input/Output Channels के द्वारा access किया जाता है.Primary Memory को Data Bus के द्वारा access किया जा सकता है.
Secondary Memory, Primary Memory की तुलना में सस्ती होती है.Primary Memory, Secondary Memory की तुलना में महंगी होती है.

Conclusion

आज के इस लेख में हमने अपको Computer Memory क्या है इसके बारे में विस्तार में बताया है और साथ ही साथ RAM और ROM में अंतर और Primary Memory और Secondary Memory में अंतर बताया है.

अगर आपको हमारा Computer Memory in Hindi लेख अच्छा लगा हो तो आप हमारे लेख को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों आदि के साथ सांझा जरूर कीजिए ताकि वे भी कंप्यूटर मेमोरी के बारे में विस्तार में जान सकें.

अगर आपके आस पास कोई कंप्यूटर की पढ़ाई कर रहा है तो आप इस लेख को उनके साथ भी सांझा कीजिए, यह लेख उनके लिए काफी मददगार साबित हो सकता है.

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम युवराज परमार है और मेरी उम्र 17 साल है. मैं HindiFreaks.Com वेबसाइट का Founder हूं. मैं पेशे से एक Digital Marketer हूं और 12 वीं कक्षा में पढ़ रहा हूं. About us

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